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The Broken Pen of Heart - A Heart Touching Poem | Hindi Poetry 2020

ज़िन्दगी में बीते हुए कुछ ऐसे पल जिन्हें हम कभी भूल नहीं पाते और नहीं कभी भूलना चाहते हैं। हम और आप में से कितने लोग होंगे जिन्होंने अपनी ज़िन्दगी में बीती हुई ऐसे कुछ ख़ास पल को कभी भूल नहीं पाए होंगे।

The Broken Pen of Heart, Heart Touching Poem, Hindi Poetry 2020 - TimesTak

अतः आज ऐसी ही कुछ खोई हुई वो बातों से प्रेरित होकर TimesTak ने ये "The Broken Pen of Heart - A Heart Touching Poem | Hindi Poetry 2020" poem लेकर आया है।

"The Broken Pen of Heart - A Heart Touching Poem | Hindi Poetry 2020" हम ज़िन्दगी में कई दौर से गुजरते हैं, वो दौर चाहे ख़ुशी का हो या दुःखी का, हमारी ज़िन्दगी से जुड़ने के बाद वो चीजें बेहद खास बन जाती है 

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और कुछ ऐसी ही चीजें हमारी ज़िन्दगी से जुड़ी हुई सबसे ख़ास पहलुओं में से एक होती है, और हम इस ख़ास पहलू में बेहद गहराई से जुड़े होते हैं जिन्हें हम अपने ज़िन्दगी में हर सुख या दुख में सोच कर मुस्कुराते हैं या दुखी होते हैं। दोस्तों ऐसे पल हमारे ज़िन्दगी का एक बेहतरीन हिस्सा होता है। 

Kho Gayi Wo - A Heart Touching Hindi Poem

हम ज़िन्दगी में दुनिया के साथ आगे बढ़ते बढ़ते कई कुछ अपने पीछे बीते हुए कल के साथ छोर आते हैं। जो हमारी जीवन ज़िन्दगी से बड़ी गहराई तरीके से जुड़ी होती है। 

The Broken Pen of Heart - A Heart Touching Hindi Poetry 2020 

जिस तरह मेघला दिन में होते हुए बारिश में पेड़ों से पत्ते झरने लगते हैं, किसी अमावस्या की काली घनी रातों में जब वो अंधकार की तरह खों जाते हैं, किसी प्राचीन काल के युग की तरह सभ्यता खो जाती है, ज्योति उत्पन्न करती रातों में हृदय को दिखाती सपनों अचानक से गायब हो जाते हैं, प्रेम ग्रंथ में लिखी उस खोई हुई प्रेम कहानी, दिल के अंदर धड़कती हुई वो धड़कन जब को जाती है, आंखो से टपकते आंसू जब सुख जाते हैं, उसी तरह हमारी ज़िन्दगी भी कुछ ऐसी ही पल अपनी ज़िन्दगी से कई कोष दूर पीछे छोर आती है।

 कलम संग जो बिखरती है स्याही, उस कागज को भी रंगीन कर दे जिसपर कोई रंग ना हो ।

Kho Gayi Wo - A Heart Touching Hindi Poem | Hindi Poetry

The Broken Pen of Heart, Heart Touching Poem, Hindi Poetry 2020 - TimesTak

खो गई वो किसी मेघला दिन में,
बारिश संग झरते हुए पत्तों कि तरह
खो गई वो किसी एक अमावस्या की,
भयंकर काली रातों वाली अंधकार की तरह 
खो गई वो किसी एक प्राचीन युग की,
खोई हुई सभ्यता की तरह।
खो गई वो किसी ज्योत्सना रातों में,
हृदय आलोकित करने वाली सपनों की तरह।
खो गई वो किसी प्रेम कहानी की,
अपूर्ण प्रेम वाली रचना कि तरह।
खो गई वो किसी दिल के अंदर,
धड़कने वाली उस धड़कन की तरह।
खो गई वो किसी नैनों में,
बूंद बूंद टपकने वाली आंसू कि तरह।
खो गई वो, खो गई वो, खो गई वो
मन पृष्ठ पे जीवन प्रेम लिखने वाली टूटी कलम संग बिखरी स्याही की तरह 

Kho Gayi Wo - A Heart Touching Hindi Poem | Hindi Poetry

Kho gayi wo kisi meghla din me,
Barish sang jharte hue patton ki tarah.
Kho gayi wo kisi ek amavasya ki,
Bhayankar kali raton wali andhakar ki tarah.
Kho gayi wo kisi ek prachin yug ki,
Khoi hui sabhyata ki tarah.
Kho gayi wo kisi jyotsna raton me,
Hriday aalokit karne wali sapnon ki tarah.
Kho gayi wo kisi prem kahani ki,
Apurn prem wali rachna ki tarah.
Kho gayi wo kisi dil ke andar,
Dharakne wali us dhadkan ki tarah.
Kho gayi wo kisi naino me,
Boond boond tapakne wali aanshu ki tarah.
Kho gayi wo, Kho gayi wo, Kho gayi wo,
Man prishta pe jivan prem likhne wali tuti kalam sang bikhri shyahi ki tarah.
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